As of 2018-08-20 13:01:54

  • ADBL 334 (8118) (-4)

  • AHPC 134 (10) (-2)

  • AKPL 247 (378) (-1)

  • ALICL 605 (242) (-10)

  • AMFI 845 (830) (-25)

  • API 264 (87) (-2)

  • BARUN 133 (380) (-2)

  • BFC 100 (800) (-2)

  • BOKL 272 (1784) (-2)

  • BPCL 434 (570) (-5)

  • CBBL 900 (1280) (-4)

  • CBL 148 (2863) (0)

  • CCBL 169 (4392) (1)

  • CFCL 115 (1874) (-2)

  • CHCL 717 (1396) (-11)

  • CHL 123 (210) (-3)

  • CLBSL 695 (87) (-14)

  • CZBIL 234 (1396) (-2)

  • DBBL 129 (805) (1)

  • DHPL 106 (32) (1)

  • EBL 664 (459) (-3)

  • EIC 1270 (66) (-16)

  • FMDBL 415 (1666) (-5)

  • FOWAD 2079 (20) (-1)

  • GBBL 188 (1120) (-2)

  • GBIME 293 (14080) (-2)

  • GBLBS 570 (2250) (-13)

  • GDBL 192 (26) (-3)

  • GILB 1067 (10) (-21)

  • GLICL 800 (240) (-13)

  • GRDBL 135 (30) (-1)

  • GUFL 110 (500) (0)

  • HBL 550 (39) (-1)

  • HGI 430 (10) (0)

  • HIDCL 161 (500) (1)

  • HPPL 265 (40) (-5)

  • ICFC 158 (300) (-2)

  • JBBL 143 (1939) (-2)

  • JBNL 155 (1697) (-1)

  • JFL 191 (500) (3)

  • KADBL 200 (14) (0)

  • KBL 203 (1792) (-2)

  • KKHC 110 (44) (-1)

  • KMCDB 1270 (90) (-20)

  • KMFL 1590 (300) (10)

  • KNBL 123 (432) (0)

  • KRBL 106 (151) (-2)

  • KSBBL 142 (4765) (-2)

  • LBBL 149 (11729) (-2)

  • LBL 238 (781) (-3)

  • LGIL 517 (526) (-1)

  • LICN 1568 (510) (-32)

  • LLBS 967 (286) (-18)

  • MBL 204 (1802) (-1)

  • MEGA 166 (4654) (-1)

  • MERO 1010 (28) (0)

  • MLBL 186 (727) (-4)

  • MNBBL 380 (2584) (-6)

  • MSLB 2386 (345) (58)

  • NABIL 952 (3433) (-7)

  • NABILP 727 (350) (-5)

  • NBB 201 (5776) (0)

  • NBL 285 (2694) (-1)

  • NCCB 178 (5615) (-1)

  • NCDB 125 (13) (0)

  • NGPL 162 (122) (0)

  • NHDL 162 (10) (0)

  • NIB 630 (4068) (-1)

  • NIBPO 573 (1046) (3)

  • NICA 316 (3891) (0)

  • NICL 516 (985) (1)

  • NLBBL 541 (565) (-8)

  • NLIC 944 (1023) (-11)

  • NMB 326 (5304) (-2)

  • NMBMF 1500 (5) (0)

  • NMBSF1 12 (1000) (0.06)

  • NMFBS 2119 (290) (-3)

  • NTC 730 (2025) (-6)

  • OHL 510 (1363) (3)

  • PCBL 295 (5201) (1)

  • PCBLP 200 (5000) (0)

  • PFL 142 (20) (-2)

  • PIC 1040 (717) (-4)

  • PLIC 502 (3397) (-5)

  • PRIN 490 (100) (4)

  • PROFL 100 (435) (0)

  • PRVU 184 (1375) (-1)

  • PURBL 158 (145) (-1)

  • RADHI 218 (70) (-2)

  • RBCL 10600 (60) (-112)

  • RBCLPO 9885 (30) (-615)

  • RHPC 115 (228) (-1)

  • RMDC 640 (200) (-9)

  • RRHP 151 (1010) (0)

  • RSDC 494 (116) (-6)

  • SADBL 145 (260) (-2)

  • SANIMA 315 (1522) (0)

  • SBI 500 (898) (-9)

  • SBL 312 (3600) (-4)

  • SCB 729 (625) (2)

  • SDESI 1476 (35) (-24)

  • SEF 9.4 (800) (-0.05)

  • SFFIL 283 (350) (-5)

  • SHL 242 (830) (0)

  • SHPC 301 (3866) (-2)

  • SIC 1340 (575) (2)

  • SICL 900 (40) (-5)

  • SINDU 123 (1091) (-5)

  • SKBBL 1105 (210) (-9)

  • SKDBL 117 (100) (-2)

  • SLBBL 790 (547) (-15)

  • SLBS 1437 (730) (16)

  • SLICL 532 (26) (-8)

  • SMATA 1206 (12) (-24)

  • SMB 821 (440) (-43)

  • SPDL 116 (30) (0)

  • SRBL 217 (81) (-3)

  • TNBL 168 (27) (-2)

  • TRH 262 (50) (-3)

  • UIC 860 (100) (4)

  • UMB 1713 (50) (-33)

  • UMHL 162 (225) (-3)

  • VLBS 680 (476) (13)

  • WMBF 94 (500) (-1)

  • WOMI 1095 (251) (-22)


One Comment

  1. सुभाष चन्द्र ठकुरी

    नेपालमा उपभोक्ता अधिकार कमजोर छ समयानुकुल ऐन कानूनमा परिवर्तन परिमार्जन हुन नसक्नु र कसुर अनुसार दण्ड जरिवाना र सजॉयको व्यवस्था र कार्यान्वयन नहुनु कमजोरी हो । प्रदायक निकायलाई सोधेर समन्वय गरेर मात्र ऐन कानुन बनाउनु पर्ने भन्ने कुरा हुन सक्दैन सरकारले संसदमा पेश गरेको विधेयक व्यापक छलफल पछि संसोधन सहित वा उपयुक्त भए स्वभाविक पास भए पछि मात्र प्रकृया पछि ऐनको रूप लिने हो ।
    प्रविधि र प्राविधिक सहित बजार नियमित अनुगमन, ऐन नियम परिमार्जन, स्थलगत दण्ड जरिवाना गर्ने व्यवस्था, चित्त नबुझे गुणस्तर नभए वा मूल्य बढि परे हप्ता १५ दिन भीत्र सान फिर्ता हुने व्यवस्था , प्रतेक जिल्ला र तहमा साधन स्रोत सहित अनुगमन संयन्त्र , उपभोक्ता अधिकार संवन्धी जनचेतना र विद्यालय पाठ्यक्रममा व्यवस्था छुट्टै उपभोक्ता अदालतको गठन गर्नु आजको आवश्यकता हो सरकारले ल्याएको हरेक विधेयकमा प्रश्न गर्नु संसदलाई कमजोर बनाएर विषयको छलफल हुन नदिएर अनसन र विरोध गरेर जाने कुरा अराजकता मात्र हो ।

    Reply

यसमा तपाइको मत





सम्बन्धित शीर्षकहरु